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उत्पन्ना एकादशी 2023: मार्गशीर्ष माह की पहली एकादशी कब? जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

उत्पन्ना एकादशी 2023: इस बार उत्पन्ना एकादशी 8 दिसंबर, शुक्रवार को पड़ रही है. उत्पन्ना एकादशी को उत्पत्ति एकादशी के नाम से जाना जाता है.

/ Chaitanya Chaturvedi / 5 min read
उत्पन्ना एकादशी 2023: मार्गशीर्ष माह की पहली एकादशी कब? जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

उत्पन्ना एकादशी 2023: जानिए कैसे मनाएं एकादशी

विवरण: उत्पन्ना एकादशी 2023: इस बार उत्पन्ना एकादशी 8 दिसंबर, शुक्रवार को पड़ रही है. उत्पन्ना एकादशी को उत्पत्ति एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की अर्धनारीश्वर रूप, मोहिनी का पूजन किया जाता है. उत्पन्ना एकादशी का पालन करने से सभी पापों का नाश होता है और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है. साल में 24 एकादशी आती हैं और हर महीने में 2 एकादशी पड़ती हैं. हर एकादशी का खास महत्व है.

उत्पन्ना एकादशी शुभ मुहूर्त (Utpanna Ekadashi 2023 Shubh Muhurat)

  • उत्पन्ना एकादशी तिथि: 8 दिसंबर, 2023 (शुक्रवार)
  • उत्पन्ना एकादशी परण तिथि: 9 दिसंबर, 2023 (शनिवार)
  • उत्पन्ना एकादशी परण समय: 07:01 AM से 09:16 AM
  • उत्पन्ना एकादशी व्रत समाप्ति समय: 10:44 AM
  • उत्पन्ना एकादशी हरिवासर समय: 07:01 AM से 10:44 AM
  • उत्पन्ना एकादशी द्वादशी तिथि: 9 दिसंबर, 2023 (शनिवार)
  • उत्पन्ना एकादशी द्वादशी समय: 10:44 AM से 01:10 PM

उत्पन्ना एकादशी पूजन विधि (Utpanna Ekadashi Pujan Vidhi)

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और शुद्ध कपड़े पहनना चाहिए.

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को निर्जला व्रत रखना चाहिए और किसी भी प्रकार का अन्न नहीं खाना चाहिए.

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को भगवान विष्णु की अर्धनारीश्वर रूप, मोहिनी की मूर्ति या फोटो को गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और चीनी से स्नान कराना चाहिए.

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को मोहिनी को लाल वस्त्र, लाल चुनरी, लाल चंदन, लाल फूल, लाल रोली, लाल सिंदूर, लाल बिंदी, लाल चूड़ियां, लाल बांगले, लाल कंगन, लाल नाथ, लाल झुमके, लाल हार, लाल बिंदी, लाल टीका, लाल मांग तीका, लाल मेहंदी, लाल बालों का गजरा आदि से सजाना चाहिए.

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को मोहिनी को तुलसी, कमल, गुलाब, चमेली, गेंदा, मोगरा, बेलपत्र, दूर्वा, अक्षत, धूप, दीप, नारियल, सुपारी, पान, इलायची, लौंग, मिश्री, कर्पूर, फल, मिठाई, पानी, गंगाजल, गोमूत्र, गोदुग्ध, गोघृत, गोदधि, गोशर्करा, गोमय, गोदुग्ध, गोघृत, गोदधि, गोशर्करा, गोमय, गोदुग्ध, गोघृत, गोदधि, गोशर्करा, गोमय आदि से पंचामृत बनाकर चढ़ाना चाहिए.

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को मोहिनी के नाम का जाप करना चाहिए. मोहिनी का मंत्र है: ॐ मोहिनी देव्यै नमः।

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को मोहिनी की आरती करना चाहिए. मोहिन

  • मोहिनी की आरती का श्लोक है: जय मोहिनी माता, जय मोहिनी माता। भक्तजनों के संकट, चन्दा निरन्तर। जय मोहिनी माता॥

  • उत्पन्ना एकादशी के दिन भक्तों को मोहिनी को प्रणाम करना चाहिए. मोहिनी का प्रणाम है: नमो नमो मोहिनी देवी, नमो नमो मोहिनी देवी। तुम्ही हो विष्णु की माया, तुम्ही हो शक्ति की शोभा। नमो नमो मोहिनी देवी॥

उत्पन्ना एकादशी पर जरूर करें ये काम

  • उत्पन्ना एकादशी पर भक्तों को गरीबों, अनाथों, वृद्धों, रोगियों, गौशालाओं, मंदिरों, आश्रमों, विद्यालयों आदि को दान देना चाहिए. दान में अन्न, कपड़े, पुस्तकें, धन, रत्न, वस्त्र, भोजन, दवा, शिक्षा, ज्ञान, भक्ति, सेवा, प्रेम, क्षमा, दया, करुणा, अहिंसा, सत्य, शांति, धर्म, न्याय, स्वास्थ्य, सुख, शुभ, लाभ, मंगल, सौभाग्य, समृद्धि, विजय, विश्वास, आशीर्वाद, आनंद, उल्लास, उत्साह, उमंग, उर्जा, उन्नति, उद्यम, उदारता, उत्कर्ष, उत्तमता, उद्देश्य, उदारी, उदात्तता, उदारवृत्ति, उदारभाव, उदारचित्त, उदारदृष्टि, उदारशीलता, उदारमनस्कता, उदारहृदयता, उदारकर्म, उदारवाणी, उदारव्यवहार, उदारसंस्कार, उदारसंस्कृति, उदारसमाज, उदारराष्ट्र, उदारविश्व आदि देना चाहिए.
Chaitanya Chaturvedi

Author

Chaitanya Chaturvedi

Founder and editor of NewsSanskriti, building a living digital home for Sanskriti, stories, Panchang, Jyotish and thoughtful audio essays.

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