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मेरा तोता

तोते पर एक छोटी सी कविता

/ Chaitanya Chaturvedi / 1 min read
मेरा तोता

यह कविता मैंने तब लिखी थी जब मैं चौथी कक्षा में था। यह कविता मैंने एक सच्ची घटना पर लिखी है जब मैं घर पर जो तोता लाया था वह एक दिन उड़ गया। यह मेरा स्वयं से कविता लिखने का पहला सफल प्रयास था ।



लाया मैने एक था तोता,

डरा हुआ चुप चुप सा रहता,

उसके हरे रंग पे थे लाल से निशान,

पता नही चलता वो बूढ़ा था यां जवान ।

भींगे चने मैं खिलाया उसको,

पूरी रात ठाठ से सोया वो,

सुबह उठा देखने मैं जब उसको,

तो बैठा था वो मेरे फाटक को,

हांथ बढ़ाया उसको लेने,

तो लहराने लगे उसके पंख अंगड़ो में,

उड़ चला वो आकाश की ओर,

और रोने लगा मैं जोर जोर,

पर क्या फायदा था मेरे रोने से

जब टूट गया मेरा संबंध उस तोते से ।

Chaitanya Chaturvedi

Author

Chaitanya Chaturvedi

Founder and editor of NewsSanskriti, building a living digital home for Sanskriti, stories, Panchang, Jyotish and thoughtful audio essays.

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