एक बात जो जहन में आती है,
एक सच्चाई से रूबरू कराती है ।
कोई दिखता बर्गर खाते,
कोई दिखता भूखे पेट,
कोई सोता ५ स्टार में,
कोई जाता सड़क पर लेट ।
किसी को मिलता कपड़ा चादर,
किसी को न मिलती भी सलाह,
किसी किसी को सबकुछ मिलता,
किसी को न मिलती भी दुआ ।
बंदे तू एक बात जान ले,
इस कुदरत का नियम मान ले,
इस कुदरत ने रोटी दिया,
पर दिया कभी न भीख,
तू जो बैठा हांथ पर हांथ धरे,
कुछ मिल जाने की आस करे,
पुर्जे, पंक्चर करके ठीक,
अब एक हुनर ले तू भी सिख,
क्योंकि बिन मांगे मोती मिले,
मांगे मिले न भीख ।
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